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VOL. 12, ISSUE 2 (2026)
ई-बुक के उपयोगिता पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में प्रासंगिक मूल्यों पर एक अध्ययन
Authors
पुखराज प्राज, रितिका धीवर
Abstract
ई-बुक्स का प्रयोग आज के डिजिटल युग में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। यह अध्ययन ई-बुक्स की उपयोगिता, उनके लाभ, चुनौतियाँ तथा पुस्तकालयों में उनके समावेश से उत्पन्न मूल्य-परिवर्तन पर केंद्रित है। पारंपरिक मुद्रित पुस्तकों की तुलना में ई-बुक्स ने ज्ञान तक पहुँच को अधिक सुलभ, त्वरित और व्यापक बनाया है। ई-बुक्स का सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे सुलभता और सुवाह्यता प्रदान करती हैं। उपयोगकर्ता कहीं भी और कभी भी इन्हें पढ़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ई-बुक्स में खोज सुविधा, हाइपरलिंक, मल्टीमीडिया तत्व और इंटरैक्टिव फीचर्स होते हैं, जो सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाते हैं। पुस्तकालयों के लिए यह एक अवसर है कि वे सीमित भौतिक स्थान और संसाधनों के बावजूद अधिकाधिक सामग्री उपलब्ध करा सकें। हालाँकि, ई-बुक्स के प्रयोग में कुछ चुनौतियाँ भी हैं। कॉपीराइट और लाइसेंसिंग से जुड़े मुद्दे पुस्तकालयों के लिए जटिलता उत्पन्न करते हैं। इसके अलावा, डिजिटल विभाजन के कारण ग्रामीण या तकनीकी रूप से पिछड़े क्षेत्रों में ई-बुक्स का लाभ सभी तक नहीं पहुँच पाता। उपयोगकर्ताओं को ई-बुक्स पढ़ने के लिए उपयुक्त उपकरण और इंटरनेट की आवश्यकता होती है, जो हर किसी के पास उपलब्ध नहीं है। इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि ई-बुक्स ने पुस्तकालयाध्यक्षों की भूमिका को पुनर्परिभाषित किया है। अब वे केवल संग्रह प्रबंधक नहीं, बल्कि डिजिटल संसाधनों के मार्गदर्शक और सूचना साक्षरता के प्रशिक्षक भी बन गए हैं।
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Pages:209-214
How to cite this article:
पुखराज प्राज, रितिका धीवर "ई-बुक के उपयोगिता पर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में प्रासंगिक मूल्यों पर एक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 209-214
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