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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के दलित जातियों में राजनीतिक चेतना का विकास
Authors
रंजीेत कुमार
Abstract
उत्तर प्रदेश की दलित जातियाँ में पारम्परिक रूप से राजनीति में भागीदारी और राजनैतिक जागरूकता काफी कम रही है। किन्तु सामाजिक परिवर्तन हेतु आन्दोलन चलाता रहा उपनिवेशवादी काल में प्रदेश में दक्षिण भारत और पश्चिम भारत की तरह ब्राहम्ण विरोधी आंन्दोलन नहीं हुआ। आजादी के तुरन्त बाद दलितों के एक अभिजात वर्ग ने अम्बेड़कर के विचारों से प्रभावित होकर और रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व मंे थोडे़ समय के लिए दलितों को प्रेरित किया। समुदाय के एक छोटे अभिजात्य वर्ग को छोडकर आर्थिक सुधारों का लाभ आजादी के बाद दलितों तक नहीं पहुँचा। 1980 के दशक के मध्य से जाति आधारित ध्रुवीकरण बहुजन समाज पार्टी के नेतृत्व में प्रारम्भ हुआ। इसकी स्थापना मान्यवर काशीराम ने किया। 1993 में पहले बार बसपा ने संविद सरकार बनाया। 1995 और 1997 में बसपा ने अपनी सरकार की स्थापना करके उ0प्र0 की राजनीति में व्यापक बदलाव कर दिया।
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Pages:171-174
How to cite this article:
रंजीेत कुमार "आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के दलित जातियों में राजनीतिक चेतना का विकास". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 171-174
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