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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
विपणन में खुदरा व्यापारियों का महत्व, कार्य एवं वर्गीकरण का अध्ययन
Authors
मोनू
Abstract
सरल शब्दों में खुदरा विक्रय से आशय उन सभ लेन-देन से होता है जिसके अंतर्गत अंतिम उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत उपभोग के लिए उन्हे किए गए माल के विक्रय आते है। क्रेता यदि माल का उपयोग पुनविक्रय उपभोग के लिए करता है तो उसे खुदरा विक्रय सौदा नही कहा जा सकता। कोई भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक इकाई या दुकान जो मुख्यतः खुदरा बिक्री का कार्य करती है उसे खुदरा विक्रेता या खुदरा विक्रय स्टोर कहा जाता है। आमतौर पर कहा जा सकता है कि कोई विनिर्माता या थोक व्यापारी भी कभी-कभी अंतिम उपभोक्ताओं को माल बेच सकता है। फिर भी उन्हें खुदरा विक्रेता नहीं कहा जाता, क्योंकि ऐसे विनिर्माता या थोक विक्रेता का मुख्य कार्य थोक बिक्री करना नहीं होता। इस प्रकार खुदरा विक्रय या खुदरा स्टोर उसे कहा जाता है जिसका मुख्य व्यवसाय उपभोक्ताओं को उनके उपयोग के लिए (पुनर्विक्रय के लिए नही) माल को बेचना होता है। खुदरा व्यवसाय के अन्तर्गत अन्य प्रकार के लेन देन भी आ सकते है, परन्तु उन्हें खुदरा व्यवसाय उस स्थिति में कहा जाए गा जब कुल बिक्री आय का आधा से अधिक खुदरा व्यापार से प्राप्त होती है।
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Pages:104-105
How to cite this article:
मोनू "विपणन में खुदरा व्यापारियों का महत्व, कार्य एवं वर्गीकरण का अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 104-105
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