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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
भारत में नगरीकरण का सामाजिक संस्थाओ (विवाह, परिवार और नातेदारी) पर पड़ने वाले प्रभावो का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
रविना
Abstract
भारत में नगरीय संरचना का विकास अत्यन्त ही प्राचीन काल से यानि सिंधु घाटी की सभ्यता से समकालीन अवधि तक हुआ है। भारत में जो सामाजिक परिवर्तन हुए जैसे, औपनिवेशिक प्रभाव, आधुनिक शिक्षा का प्रारम्भ, परिवहन और संचार के बेहतर साधन आदि की शक्तियों का समाज में विभिन्न संस्थाओं पर प्रभाव पड़ा। उनका प्रभाव पूरे भारत में महसूस किया गया है किन्तु गांव में रह रही आबादी की तुलना में नगर में रह रही आबादी पर इसका प्रभाव कहीं अधिक देखा गया है। भारत में गांव और नगर एक ही सभ्यता के भाग है और इसलिए इन्हें अलग-अलग नहीं समझा जा सकता है। इसलिए भारत में नगरीय सामाजिक संरचना जैसे परिवार, विवाह, नातेदारी और जाति की दृष्टि से की गई है। इन सभी चार पहलुओं का ग्रामीण और नगरीय दोनों सामाजिक संरचना में परस्पर निकट संबंध है।
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Pages:123-124
How to cite this article:
रविना "भारत में नगरीकरण का सामाजिक संस्थाओ (विवाह, परिवार और नातेदारी) पर पड़ने वाले प्रभावो का विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 123-124
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