Logo
International Journal of
Humanities and Social Science Research
ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 1 (2021)
भारतीय किसान आंदोलन की परंपरा
Authors
संदीप त्रिपाठी
Abstract
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में कृषि का उतना ही महत्वपूर्ण योगदान है जितना कि रेल को चलाने के लिए ट्रैक (पटरियों) का। लेकिन जिस तरह एक रेल बिना चालक के आगे नही बढ सकती उसी तरह कृषकों के योगदान के बिना कृषि हो पाने के ख्व़ाब देखना बिना जल के समुद्र में कश्ती चलाने के समान है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहाँ पर लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषक है। इतने बड़े देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाले अन्नदाता व किसान की आर्थिक,समाजिक, तथा मनोवैज्ञानिक स्थिति आजादी के 73 वर्षों बाद भी वैसी ही बनी हुई है, जैसे की आजादी से पूर्व थी। आज के वक्त में भी आत्मनिर्भर भारत के सपने को सच करने की जिद्द में लगे हुए अधिकतर कृषक, सरकार, पूंजीपतियों तथा साहूकारों के कर्ज के बोझ तले दबे हुए है। लेकिन आजादी के इतने वर्षों पश्चात भी कृषको के प्रति सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया औपनिवेशिक सरकारों की तरह ही रहा है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद नाजाने कितनी ही सत्तासीन सरकार आयी और गयी लेकिन उनमें से किसी भी सरकार ने भारत के गरीब किसानों की सुध नहीं ली, समय समय पर किसानों को लोलीपॉप देते हुए कुछ अध्यादेश/क़ानून जरूर पारित किये गये लेकिन उन कानूनों का जमीनी स्तर पर लागू होना और किसानों तक उनका लाभ पहुँचना आज भी उतना दूर है जितना की आसमान से धरती। इस बात को कदाचित भी झुठलाया नही जा सकता है कि संघर्ष कृषक के जीवन का वो अभिन्न हिस्सा रहा है जिसके बिना कृषक जीवन की कल्पना करना अनुचित होगा। सम्पूर्ण जगत की तीन वक्त के भोजन की जरूरतों को पूरा करने वाला कृषक कब हाशिये पर आ पहुंचा इसकी कल्पना स्वयं कृषक ने कभी नही की थी। अधिकतर कृषक अपने अंधविश्वास, अशिक्षा,जागरूकता की कमी और अभावग्रस्त होने के कारण आज तक पिछड़े हुए है। समाज में अपनी एक आदर्श स्थिति बनाने के लिए कृषक समुदाय को अपने हक के लिए लड़ना आवश्यक है।
Download
Pages:97-101
How to cite this article:
संदीप त्रिपाठी "भारतीय किसान आंदोलन की परंपरा". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 7, Issue 1, 2021, Pages 97-101
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.