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VOL. 6, ISSUE 6 (2020)
डाॅ. राममनोहर लोहिया का आर्थिक दर्शन
Authors
डाॅ. सुनीता कुमारी
Abstract
लोहिया जी कहना था कि वैज्ञानिक युग में उत्पादन की वृद्धि एवं मशीनों का प्रयोग विकसित एवं विकासशील दोनों ही देशों के लिए न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक समस्या भी बन गयी है। लोहिया जी का विचार है कि विश्व के विभिन्न देशों में यदि आर्थिक विषमतायें है तो उसका अलग कारण है परंतु भारत में आर्थिक विषमता का मूल कारण है जाति व्यवस्था का होना।
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Pages:169-170
How to cite this article:
डाॅ. सुनीता कुमारी "डाॅ. राममनोहर लोहिया का आर्थिक दर्शन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 6, Issue 6, 2020, Pages 169-170
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