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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 6, ISSUE 2 (2020)
पर्यावरण संकट और विश्व
Authors
अरबिन्द कुमार
Abstract
आज के समय में पर्यावरण का संकट गहराता जा रहा है और इसके साथ साथ ही पर्यावरण की जो मुश्किलें हैए वह भी काफी हद्द तक गंभीर होती जा रही है द्य अब यह किसी एक की समस्या ना रहे कर पुरे विश्व की समस्या बन चुकी है द्य विश्व के प्रभुत्व. संम्पन देश अपनी भूगोलिक जरूरतों को नजर अंदाज़ करकेए अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में लगे हैए इसके कारण ही हमे पर्यावरण संकट का सामना करना पड़ रहा है और यह कम होने की बऻजाये दिन. ब. दिन बढ़ता ही जा रहा है द्य किसी देश में तो पर्यावरण अपात्काल तक की नौबत आ चुकी है द्य देश का शासन चलाने वाली सरकारें इस समस्या से निज़ात पाने के लिए कुछ प्रयत्न कर रही हैए पर वह इसके लिए नाक़ाफी साबित हो रहे है द्य क्योंकि आज कल हर देश आर्थिक उन्नेत्ति करने में अव्वल नंबर पर रहना रहना चाहता हैए पूरा विश्व इस अंधी दौड़ में शामिल हो चूका है द्य इस लालच में उनको पर्यावरण का नुकसान नज़र नहीं आ रहा द्य अपनी आर्थिक लालसाओं को पूरा करने के लिए इनका मानना है की देश की उन्नति के लिए थोड़ा बहुत पर्यावरण नुकसान सहन करना ही पड़ता है द्य पर क्या हम अपने वर्तमान को स्वारने के चक्र में अपने भविष्यें का अपने ही हाथों गला घोट रहे है द्य
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Pages:12-16
How to cite this article:
अरबिन्द कुमार "पर्यावरण <em></em>संकट <em></em>और <em></em>विश्व<em></em>". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 6, Issue 2, 2020, Pages 12-16
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