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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 5, ISSUE 6 (2019)
रीवा जिले के बाल अपचारियों का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
डाॅ. एस. पी. सिंह, प्राची त्रिपाठी
Abstract
मध्यप्रदेश के अन्य जिलों की भांति रीवा जिले में बाल अपराधियों में निरंतर अभिवृद्धि अंकित हो रही है, आर्थिक सामाजिक एवं पारिवारिक पृष्ठभूमियों में कौतूहल, उत्तेजना या उकसाने के कारण बाल अपराधी अपराध घटित कर देते हैं, जिसका दूरगामी परिणाम परिवार एवं स
माज पर पड़ता है। रीवा जिले में ऐसे अपराधियों में अभिवृद्धि अंकित होने लगी है, जिनमें 14 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का सर्वाधिक प्रतिशत मिलता है। अध्ययन में शामिल 100 बाल अपराधियों को 40 प्रतिशत लोग दसवी एवं 35 प्रतिशत आठवी तक शिक्षा प्राप्त है, तथा 33 प्रतिशत निम्नवर्गीय एवं 32 प्रतिशत मध्यमवर्गीय से सम्बंधित है। 76 प्रतिशत अपराधियों के परिवार की आय35000/- प्रतिवर्ष से कम तथा 50 प्रतिशत लोगों की अपराधिक पृष्ठभूमि पाई जाती है। अपराध घटित करने में 44प्रतिशत 02 व्यक्ति साथ मिलकर तथा 40 प्रतिशत 02 से 04 व्यक्ति एक साथ मिलकर की गई है। ऐसे अपराधियों की सामाजिक स्वीकारोक्ति 50 प्रतिशत तक नही पाई पाई जाती है।
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Pages:14-18
How to cite this article:
डाॅ. एस. पी. सिंह, प्राची त्रिपाठी "रीवा जिले के बाल अपचारियों का विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 5, Issue 6, 2019, Pages 14-18
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