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International Journal of
Humanities and Social Science Research
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VOL. 5, ISSUE 6 (2019)
सिंगरौली जिला में महिलाओं के विरूद्ध होने वाले विभिन्न अपराधों का विश्लेषणात्मक अध्ययन (भारतीय दण्ड संहिता के विशेष सन्दर्भ में)
Authors
डाॅ. आर. पी. राय, रजनीश प्रसाद मिश्रा
Abstract
सिंगरौली जिला में अनेकों ऐसे स्थान हैं जहाँ परम्परा, रीति-रिवाजों के नाम पर बच्चों को कम उम्र में ही ब्याह दिया जाता है। इस प्रक्रिया का सीधा-साधा असर बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है। तेजी से बढ़ता लिंगानुपात, बच्चों में कुपोषण, महिलाओं में खून की कमी, मातृ-शिशु मृत्यु दर आदि ऐसे कारण हैं, जिनका सीधा संबंध बाल विवाहों से है। बच्चों को उम्र से पहले ही बाल विवाह से जकड़ दिया जाता है, जिसके लिए वे शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार ही नहीं होते। बाल-विवाह बच्चों को उनके बचपन से भी वंचित कर देता है। समाज ने 18 साल से कम आयु की बालिका की शादी नहीं करने की कानूनी जानकारी तो प्राप्त कर ली, लेकिन उसने यह भी सीख लिया कि होने वाले बाल-विवाह को सरकार की नजर से कैसे छुपाया जाए। ऐसे में अहम जिम्मेदारी उनकी होती है, जिनकी जानकारी में बाल-विवाह होना अथवा उसके होने की संभावना होती है।
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Pages:09-13
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डाॅ. आर. पी. राय, रजनीश प्रसाद मिश्रा "सिंगरौली जिला में महिलाओं के विरूद्ध होने वाले विभिन्न अपराधों का विश्लेषणात्मक अध्ययन (भारतीय दण्ड संहिता के विशेष सन्दर्भ में)". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 5, Issue 6, 2019, Pages 09-13
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