ARCHIVES
VOL. 5, ISSUE 6 (2019)
भारत में ग्राम पंचायत का एक अध्ययन
Authors
डाॅ. प्रवेश कुमार पाण्डेय
Abstract
भारत में लोकतंत्र के इस आदर्श स्वरूप को अपनाया गया है जो लोकतांत्रिक जीवन के मूल्यों को समाज के प्रत्येक क्षेत्र में स्थापित करता है। इसलिए भारत में केन्द्र से लेकर स्थानीय स्तर तक प्रतिनिधि संस्थाओं का संगठन लोकतंत्र के आधार पर स्थानीय स्वशासन विषय सूची के अन्तर्गत किया है। इसलिए स्थानीय संस्थाओं को संगठित करने का दायित्व इकाईयों की सरकार पर अर्थात गांवों तथा शहरों तक संगठित किया गया है। राज्य सरकारों द्वारा बनाये गये कानूनों के आधार पर इनका निर्वाचन होता है। स्थानीय नागरिक निर्वाचन पद्धति द्वारा इनका निर्वाचन करते हंै। इन स्थानीय संस्थाओं का संबंध नागरिकों के दैनिक जीवन से होता है क्योंकि नागरिकों जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिससे इनका संबंध न हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई और उद्योग-धन्धे आदि सभी क्षेत्रों एवं नागरिकों हेतु दैनिक जीवन से संबंधित अनेक विषयों की व्यवस्था करके विभिन्न प्रकार के कार्य करते हुये सुविधायें प्रदान करती है।
Download
Pages:36-39
How to cite this article:
डाॅ. प्रवेश कुमार पाण्डेय "भारत में ग्राम पंचायत का एक अध्ययन". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 5, Issue 6, 2019, Pages 36-39
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

