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VOL. 3, ISSUE 3 (2017)
भारत और संयुक्त राष्ट्र संघः सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के विशेष सन्दर्भ में
Authors
Mamta Jangir
Abstract
जब विश्व मानवता को हिरोशिमा एवं नागासाकी का दंश झेलना पड़ा। तत्पश्चात संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना बड़ी आशा और विश्वास के साथ की गई थी। उसके विधान (चार्टर) की प्रस्तावना में घोषित किया गया था कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना "आगे आने वाली पीढ़ियो को युद्ध की विभीषिका से बचाने, मानव अधिकारों की पुनः स्थापना करने एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था के निर्माण हेतु की गई है।"
संयुक्त राष्ट्र में सुधार संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता व विश्व शांति बनाये रखना भारतीय विदेश निती का आधार भूत उद्देश्य है। भारतीय संविधान में अनुच्छेद 51 के अनुसार भारत अन्तराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के सम्र्वधन का प्रयास करेगा। इसका साक्ष्य है कि हम औपचारिक रूप से आजाद हुए 15 अगस्त 1947 को परतुं भारतीय प्रतिनिधि श्री रामा स्वामी मुदालीयर ने 26 जून 1945 को ही संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर हस्ताक्षर कर दिये थे।
"भारत संयुक्त राष्ट्र के बिना विश्व की कल्पना नही कर सकता है।" - पं. जवाहर लाल नेहरू
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Pages:97-99
How to cite this article:
Mamta Jangir "भारत और संयुक्त राष्ट्र संघः सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के विशेष सन्दर्भ में". International Journal of Humanities and Social Science Research, Vol 3, Issue 3, 2017, Pages 97-99
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